सॉयल हेल्थ कार्ड

 

सॉयल हैल्‍थ कार्ड योजनान्‍तर्गत वर्ष 2020-21 में पोषक तत्‍व प्रदर्शन एवं कृषक प्रशिक्षण हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश

राज्‍य में कुल 6940 पोषक तत्‍व प्रदर्शन (प्रत्‍येक प्रदर्शन एक हैक्‍टेयर क्षेत्र का होगा) एवं कृषक प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाना है। पोषक तत्‍व प्रदर्शनों का आयोजन सॉयल हैल्‍थ कार्ड योजना के द्वितीय चरण में
उपलब्‍ध करवाये गये सॉयल हैल्‍थ कार्ड में की गई सिफारिश के अनुसार किया जाना है ।
भारत सरकार द्वारा पोषक तत्‍व प्रदर्शन हेतु राशि रू. 2500/- प्रति प्रदर्शन प्रति हैक्‍टेयर एवं कृषक प्रशिक्षण के लिये राशि रू. 24000/- प्रति प्रशिक्षण का वित्‍तीय प्रावधान रखा गया है ।

1.    आदान सामग्री हेतु देय अनुदान का विवरण :- प्रदर्शन प्‍लाट हेतु अधिकतम अनुदान राशि रू. 2500 प्रति हैक्‍टेयर (1कृषक को अधिकतम 1 हैक्‍टेयर क्षेत्र हेतु अनुदान देय)
अनुदान हेतु सम्मिलित आदान
1.    जिप्‍सम/फास्‍फोजिप्‍सम/बेन्‍टोनाइट सल्‍फर
2.    सभी सूक्ष्‍म पोषक तत्‍व
3.    सभी बायोफर्टिलाइजर
4.    कार्बनिक खाद/ FYM/Compost / Vermi compost / City compost
5.    बायो एनरिच ऑर्गेनिक मैटर

6.    फर्टिलाइजर जैसे SSP / NPK 12 :32:16

7.    PROM

कृषक प्रशिक्षण

1.      कृषक प्रशिक्षण का उद्देश्‍य चयनित गांवों में संतुलित खाद एवं उर्वरक उपयोग को प्रचलित कराने, ग्राम एवं आस-पास के कृषकों को प्रोत्‍साहित करने के लिये सॉयल हैल्‍थ कार्ड जागरूकता अभियान चलाया जाकर कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया जाना है
 

2.       भारत सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के लिए राशि रू. 24000/- अक्षरें    रू. चौबीस हजार मात्र का प्रावधान किया गया है, इस राशि में से मदवार प्रावधान जिला विशेष, अपनी आवश्‍यकतानुसार आत्‍मा परियोजना अन्‍तर्गत जिला कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में गठित कमेटी द्वारा करवाया जावें। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले कृषको की संख्‍या 100 से कम नही हो ।

3.       कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में निम्‍न विषयो का समावेश आवश्‍यक रूप से किया जावें –

(I)  मिट्टी परीक्षण की उपयोगिता ।

(II)   मिट्टी परीक्षण हेतु नमूना कैसे लेवे, क्‍या-क्‍या सावधानियां रखी जावें एवं कैसे प्रयोगशालाओं को भिजवायें ।

(III)   तैयार सॉयल हैल्‍थ कार्ड का उपयोग कैसे करें ।

(IV) लवणीय /क्षारीय मृदाओं का सुधार एवं प्रबंधन ।

(V)   बीजोपचार एवं उसका महत्‍व ।

(VI) समस्‍याग्रस्‍त मृदाओं हेतु फसलों का चयन

(VII)  समन्वित कीट व्‍याधि नियंत्रण ।

(VIII)  अन्‍य विषय जिलों की आवश्‍यकतानुसार।