Information Dissemination

कृषि सूचना सेवा



कृषि विभाग द्वारा कृषकों तक विभागीय योजनाओं की जानकारी तथा उन्नत कृषि ज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिये प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया का योजनाबद्ध रूप से उपयोग किया जा रहा है। राज्य स्तर पर कृषि-सूचना शाखा द्वारा एक ओर जहां दैनिक समाचार पत्रों, कृषि पत्र-पत्रिकाओं से तकनीकी प्रसार का समन्वय किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वयं ‘‘खेती री बातां’’ बुलेटिन का मासिक प्रकाशन भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त फसल मौसमवार प्रमुख फसलों की उन्नत कृषि विधियों की जानकारी, विभिन्न विषयों पर फोल्डर्स, पोस्टर का प्रकाशन,  कृषि मार्गदर्शिका तथा खण्ड स्तर पर रबी/खरीफ ‘‘पैकेज ऑफ प्रेक्टिस’’ पुस्तिकायें तथा कृषक मित्रवत् साहित्य तैयार कर कृषकों, जनप्रतिनिधियों तथा कृषि से संबंधित संस्थाओं को वितरित किया जा रहा है।
 
राज्य में उपलब्ध इलेक्ट्रोनिक मीडिया दूरदर्शन एवं आकाशवाणी का कृषि ज्ञान के प्रचार-प्रसार में उपयोग करते हुए कृषि विभाग द्वारा दूरदर्शन पर ‘‘खेती-बाड़ी-2’’ कार्यक्रम एवं आकाशवाणी पर ‘‘खेती री बातां’’ कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।
 
आकाशवाणी पर ‘‘खेती री बातां’’ कार्यक्रम-
 
राज्य के सभी आकाशवाणी केन्‍द्रों  से प्रतिदिन 7.30 से 8.00 तक कृषकोपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए प्रत्येक सोमवार, बुधवार तथा शुक्रवार को फोन इन कार्यक्रम प्रसारित किया जा रहा है। मंगलवार को इस सप्‍ताह के कृषि कार्य एवं गुरूवार को विषय वस्‍तु कार्य आधारित कार्यक्रम एवं  शनिवार व रविवार को आकाशवाणी द्वारा निर्मित कार्यक्रम प्रसारित किया जाता है।
 
दूरदर्शन पर ‘‘खेती-बाड़ी-2’’ कार्यक्रम- 

 
कृषि विभाग द्वारा निर्मित यह कार्यक्रम दूरदर्शन केन्द्र, जयपुर से प्रत्येक गुरूवार को सांय 7.30 से 8.00 बजे तक प्रसारित किया जाता है। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की जानकारी, विशेषज्ञों से चर्चा, समस्या-समाधान, उलझन-सुलझन, पखवाड़े के काम, संदेश, सफलता की कहानियाँ, नवाचार, लघु-फिल्म, क्लिलीपिंग्‍स  आदि का समावेश कर कार्यक्रम को सरल, रोचक एवं कृषकोपयोगी बनाया जाता है।
 
मासिक अखबार ‘‘खेती री बातां’’-
 
‘‘खेती री बातां’’ मासिक अखबार कृषि विभाग द्वारा हर माह प्रकाशित किया जाता है जो कि 12 रूपये के वार्षिक शुल्क पर कृषकों को डाक द्वारा घर बैठे उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में इसकी प्रसार संख्या लगभग 22000 प्रतियाँ प्रतिमाह है।

कृषक अखबार की सदस्यता के लिये अपना शुल्क 12/- रूपये प्रतिवर्ष अपने निकटतम कृषि कार्यालय में नकद अथवा आहरण एवं वितरण अधिकारी, कृषि आयुक्तालय, कमरा नं0 250, पंत कृषि भवन,जयपुर के नाम मनी ऑर्डर द्वारा जमा  करवाकर घर बैठे डाक से प्राप्त कर सकते हैं।
 
किसान कॉल सेन्टर-
 
कृषकों को कृषि एवं संबंधित विषयों की तकनीकी जानकारी भारत सरकार द्वारा राज्य में ‘‘किसान कॉल सेन्टर’’ की स्थापना टेलीफोन के माध्यम से देने हेतु की गयी है। किसान फोन नं0 1800 180 1551 पर बेसिक/टेलीफोन से प्रात: 6.00 से रात्रि 10.00 बजे तक नि:शुल्क कॉल कर कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।